Paigham-e-Mohabbat
तेरी जुल्फों की छांव और ये चाँद का नूर, इन दोनों से ही मिलता है दिल को सुकून भरपूर। तू पास आ जा तो हर गम भूल जाएं हम, तुझसे मिलकर ही तो होती है हर मंजिल मंजूर।
चाँद सितारों की महफिल सजी है आज रात, बस कमी है तो सिर्फ तुम्हारी एक बात। हम तन्हा बैठे हैं खिड़की के पास अपने, काश तुम भी आ जाओ करने कोई मीठी बात।
रात के साए में जब ये चाँद निकलता है, तेरा नाम लेकर ही मेरा दम निकलता है। कितनी शिद्दत से चाहा है मैंने तुझे, ये पूछने पर सिर्फ आँखों से पानी निकलता है।
चाँद भी आज अपनी चांदनी छुपा बैठा है, लगता है वो भी किसी के इंतज़ार में बैठा है। तेरी तरह वो भी हमसे खफा है शायद, तभी तो बादलों के पीछे मुंह छुपा बैठा है।
रात ढलने लगी है और चाँद भी उतरने लगा है, तेरा ख्याल मेरे दिल में और भी गहरा होने लगा है। कहाँ ढूंढूं तुझे इस बड़ी सी दुनिया में, तू तो मेरी रूह में ही बसने लगा है।
चाँद की रोशनी में तेरा चेहरा चमकता है, जैसे कोई हीरा अंधेरे में दमकता है। नज़र न लगे इस ज़माने की तुझे कभी, मेरा दिल बस यही दुआ रोज़ करता है।
चाँदनी रात का मज़ा ही कुछ और होता है, जब पास में कोई अपना और खास होता है। तू दूर है तो क्या हुआ मेरे हमसफर, तेरी यादों का साया ही हमारे पास होता है।
बादलों की चादर ओढ़कर सो गया चाँद, तेरा मेरा रिश्ता भी कुछ ऐसा ही जुड़ गया खास। सुबह होने का अब कोई डर नहीं हमें, जब तक रात के आँचल में है तेरा साथ।
रात भर जागकर चाँद का दीदार किया है, हमने तुझसे बेइंतिहा प्यार किया है। तू समझे या ना समझे हमारे इस दर्द को, हमने तो बस तेरी यादों पर ऐतबार किया है।
चाँद से रोशन हो तेरी ये ज़िंदगी, यही दुआ मांगती है मेरी हर एक बेबसी। तू खुश रहे हमेशा इसी जहाँ में, चाहे हमसे रूठी रहे ये सारी दुनिया की ख़ुशी।
रात के अंधेरे में चमकता ये चाँद, याद दिलाता है मुझे तेरा वो रूप रंगा। तू पास नहीं है तो क्या हुआ मेरे यार, तेरी यादों से ही महकता है मेरा हर अंग अंग।
चाँद तारे सब मिलकर आज जश्न मना रहे हैं, तुझे मेरी बाहों में आने का पैगाम दे रहे हैं। देखकर हमारी मोहब्बत का ये आशियाना, ये आसमान वाले भी आज मुस्कुरा रहे हैं।
तेरे दीदार के बिना ये चाँद अधूरा सा है, मेरा हर एक ख्वाब भुलावा सा है। तू आ जा कि अब सब्र टूट रहा है मेरा, इस दिल का हाल बहुत बुरा सा है।
रात का सन्नाटा कुछ कह रहा है, तेरा चेहरा आँखों में रह रहा है। चाँद भी छुप गया है बादलों की ओट में, शायद उसे भी किसी का इंतज़ार हो रहा है।
चाँद की छांव में बैठ कर तुझे याद करते हैं, खुदा से बस यही एक फ़रियाद करते हैं। तू सलामत रहे हमेशा इस जहाँ में, हम अपनी हर सांस तेरे नाम करते हैं।
तेरी पायल की छनक और ये चाँद की रात, दोनों मिलकर करते हैं कोई हसीन बात। दिल चाहता है थम जाए ये वक्त यहीं कहीं, और होती रहे बस यूँ ही मुलाक़ात।
रात के इस लम्हे में तेरा इंतज़ार है, इस चाँद को भी जैसे हमसे प्यार है। बुझ गई हैं शहर की सारी बत्तियां, बस एक तेरी यादों का पहरा बरकरार है।
चाँद को भी आज तन्हाई महसूस हुई होगी, जब उसने मेरे दिल की गहराई महसूस की होगी। तू दूर है मुझसे तो क्या हुआ मेरे हमसफर, मेरी धड़कनों ने तेरी जुदाई महसूस की होगी।
चाँदनी बिखर गई है सारे आसमान में, तेरा अक्स नज़र आता है हर एक मकान में। हम ढूँढते रह गए तुम्हें सारी रात, मगर तुम तो छुपे हो मेरी जान में।
रात के पहरे में चाँद से बातें करते हैं, हम आज भी तुमसे बेपनाह मोहब्बत करते हैं। तू माने या न माने इस बात को सनम, हम तो बस तेरी यादों के सहारे जिए जाते हैं।
इस चाँद को भी गुमान है अपनी खूबसूरती पर, इसने शायद अभी तक मेरा यार नहीं देखा। अगर देख ले वो एक झलक मेरी महबूबा की, तो वो आसमान से उतरकर ज़मीन पर आ बैठेगा।
चाँदनी रात में जब ठंडी हवा चलती है, तेरी याद हमारे दिल में दीर्घा जलाती है। हम तो रह लेते हैं अकेले इस भीड़ में भी, बस तेरी कमी हर पल बहुत रुलाती है।
रात के सफ़र में चाँद हमसफर बन गया, तेरा नाम लेते ही दिल बेखबर बन गया। अब तो हर रस्ता मंज़िल की तरह लगता है, जब से तू मेरी दुआओं का असर बन गया।
चाँद से कहो कि इतनी गुरूर न करे, मेरा यार भी किसी चाँद से कम नहीं है। वो ज़मीन पर रहता है तो क्या हुआ, उसके होने से मेरी ज़िंदगी में कोई गम नहीं है।
तेरी महफिल में आज चाँद भी आया है, लगता है उसने भी तेरा हुस्न चुराया है। कोई तो वजह होगी इस चमक के पीछे, तभी तो सारा ज़माना तेरा दीवाना हुआ है।
इस चाँद को देखकर तेरा चेहरा याद आता है, दिल हर वक़्त् तुझे ही क्यों बुलाता है। तेरी जुदाई का दर्द सह नहीं पाते हम, तभी यह दिल रातभर आँसू बहाता है।
चाँदनी रात में तेरी तस्वीर बनाई है, अपनी तन्हाई से मैंने ये शर्त लगाई है। तू आए न आए मेरे इस आशियाने में, तेरी यादों से ही हमने अपनी दुनिया सजाई है।
रात गहरी हुई तो चाँद मुस्कुराया, तेरा ख्याल आया तो दिल झूम सा गया। हमने तो मांगी थी बस एक दुआ खुदा से, कि तू मिल जाए और ये जहाँ थम सा गया।
तेरी आँखों का नशा इस चाँद से ज्यादा है, तुझे पाना ही अब मेरा इरादा है। चाँद तो रोज़ ही निकलता है आसमान में, मेरा चाँद तो मेरे दिल में बैठा सादा है।
चाँद तारे सब गवाह हैं इस बात के, हम कितने दीवाने हैं तेरी हर एक बात के। तू एक बार देख ले प्यार भरी नज़रों से, हम तो मोहताज हैं बस तेरी एक मुलाकात के।
रात के अंधेरे में जुगनुओं का मेला है, दिल मेरा आज फिर से अकेला है। सोचा था तुझे भूल जाऊंगा इस रात, मगर आसमान का चाँद तेरी याद दिला देता है।
चाँद भी आज शर्माकर बादलों में छुप गया, जब उसने मेरे हाथों में तेरा हाथ देख लिया। तेरी खूबसूरती के आगे फीका पड़ गया नूर उसका, तभी तो उसने आसमान में अपना मुखड़ा छुपा लिया।
इस ठंडी हवाओं में तेरा एहसास है, जैसे इस चाँद के करीब कोई खास है। दूर होकर भी तू बहुत पास है मेरे, यही इस दिल की सबसे बड़ी प्यास है।
चाँद की रोशनी जब खिड़की से अंदर आती है, तेरी यादों की महक पूरे कमरे में छा जाती है। हम तो बैठ जाते हैं तुझे याद करने रातभर, फिर न जाने कब सुबह हो जाती है।
तारीफ करूँ तेरी या इस चाँद की मैं, दोनों में एक जैसी ही खूबी नज़र आती है। फर्क सिर्फ इतना है ऐ मेरे हमसफर, वो आसमान में है और तू मेरे दिल में बस जाती है।
बादलों की ओट से झांकता है ये चाँद, जैसे मुझे कोई पुराना राज़ बताता है चाँद। तेरी हर बात में ज़िक्र होता है तेरा, आज मुझे मुझ पर ही प्यार आता है चाँद।
रात ढलती गई और चाँद भी छुपने लगा, तेरा ख्याल दिल में फिर से मचलने लगा। हमने तो चाहा था तुम्हें भुलाना मगर, हर एक तारा तेरा ही नाम जपने लगा।
चाँद से पूछा मैंने कि मेरा यार कैसा है, चाँद ने शर्माकर कहा वो तो तुझसे भी प्यारा है। मैंने भी मुस्कुराकर कह दिया ऐ चाँद, तू तो बस आसमान का है, मेरा यार तो सारा जहाँ है।
तू चाँद है इस आसमान का मेरे, तुझसे ही रोशन है जहाँ ये मेरा। तू जो रूठ जाए तो रात लंबी लगे, तुझसे ही शुरू हो सवेरा मेरा।
रात के सन्नाटे में एक आवाज़ आती है, तेरी यादें दिल को रोज़ तड़पाती हैं। देखकर तुझे इस चाँद की चमक फीकी लगे, तेरी हर अदा मुझको बहुत भाती है।
तेरी खूबसूरती की मिसाल क्या दें हम, इस चाँद को भी अब तुझसे जलन होने लगी है। तू जब से मेरी ज़िंदगी में आया है, हर एक रात किसी जश्न जैसी लगने लगी है।
कभी बादलों के पीछे छुप जाता है चाँद, कभी चुपके से अपनी चांदनी दिखाता है चाँद। तेरी याद भी बिल्कुल ऐसी ही है सनम, आंखें बंद करो तो दिल के पास आ जाता है चाँद।
आसमान का चाँद तो बस एक बहाना है, असली चाँद तो मुझे रोज़ाना नज़र आना है। तूम मिल जाओ तो हर रात ईद बन जाए, इस दिल को बस अब तुझसे ही दिल लगाना है।
तेरे चेहरे का नूर कुछ ऐसा है, इस चाँद का गुरूर भी जैसे मैला सा है। तू सामने आ जाए तो रात थम जाए, तेरी सादगी का जादू ही कुछ ऐसा है।
अंधेरी रातों में भी एक उजाला सा है, लगता है आसमान में चाँद का पहरा सा है। तेरी यादें कुछ इस तरह साथ चलती हैं, जैसे इस चाँद का हमसे कोई रिश्ता पुराना सा है।
न जाने क्यूँ तुझे देखने के बाद भी, तुझे ही देखने की चाहत बनी रहती है। तेरी सूरत है उस चाँद की तरह, जिसपर हर वक़्त नज़र टिकी रहती है।