Dil
दिल की धड़कनों को एक लम्हा सब्र नहीं,
शायद तुम मेरी यादों में फिर से आ गए हो।
Dil
आंखों में तेरी याद है,
दिल में तेरा नाम है,
तू दूर चला गया,
पर तेरा एहसास यहीं है
Dil
न पूछ दिल की हकीक़त मगर ये कहता है,
वो भी बेक़रार रहे जिसने बेक़रार किया।
Dil
मानता ही नहीं कमबख्त दिल उसे चाहने से,
मैं हाथ जोड़ता हूँ तो ये गले पड़ जाता है।
Dil
दिल के हाथों मजबूर हुये बैठे थे,
हाथों में तुम्हारी तस्वीर लिये बैठे थे
Dil
पास आ जाओ ज़रा के तुम्हारे बिना जीना मुश्किल है,
दिल को सिर्फ तुमसे नही तुम्हारी हर अदा से प्यार है
Dil
हजारों बार तलाशी ली है तुमने मेरे दिल की,
कभी कुछ मिला इस दिल में मेरे प्यार के सिवा
Dil
नहीं है मुझे आदत कहीं बहुत देर तक रुकने की,
तुमसे नजरे क्या मिली ये दिल कही और ठहरता नही
Dil
मिले वक़्त तो देना दस्तक मेरे दिल के दरवाजे पर,
हैरान रह जाओगे दिल में अपना मुकाम देख कर
Dil
दिल तोड़ देती हैं यह खूबसूरती की परिया
इसलिए जरुरी है बना कर रखें इनसे दूरियां
Dil
कुछ तो हवा भी सर्द थी कुछ था तिरा ख़याल भी
दिल को ख़ुशी के साथ साथ होता रहा मलाल भी
- परवीन शाकिर
Dil
आप पहलू में जो बैठें तो सँभल कर बैठें
दिल-ए-बेताब को आदत है मचल जाने की
- जलील मानिकपूरी
Dil
तुम्हारा दिल मिरे दिल के बराबर हो नहीं सकता
वो शीशा हो नहीं सकता ये पत्थर हो नहीं सकता
- दाग़ देहलवी
Dil
दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है
लम्बी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
- फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
Dil
दिल तो करता है कि दुनिया छोड़ दूँ,
पर कम्बख्त तेरी एक मुस्कान मुझे फिर से जीने पर मजबूर कर देती है।
Dil
अपने दिल से कह दो कि वो थोड़ा संभल कर धड़के,
तेरी यादों का शोर मेरी रातों की नींदें उड़ा देता है।
Dil
वो जो दिल के बहुत करीब होते हैं,
अक्सर वही लोग बहुत अजीब होते हैं।
Dil
दिल जीतने का हुनर हर किसी के पास नहीं होता,
और जो जीत लेते हैं, वो कभी पास नहीं होते।
Dil
मेरे दिल की हर दुआ में तू है,
मेरी हर साँस की वफा में तू है।
Dil
धड़कनें बेकाबू हो जाती हैं तेरे ख्यालों से ही,
सोच अगर तू सामने आ जाए तो क्या कयामत होगी।
Dil
मैं अपने दिल को समझा लूँगा किसी भी तरह,
तू बस इतना बता दे कि तू खुश तो है ना?
Dil
ये दिल का रोग भी क्या रोग है हुज़ूर,
दवा भी वही है जिसने दर्द दिया है।
Dil
इस दिल ने कभी किसी का बुरा नहीं चाहा,
शायद इसीलिए दर्द हमेशा इसी के हिस्से में आता है।
Dil
दिल दे तो इस मिज़ाज का परवरदिगार दे,
जो रंज की घड़ी भी ख़ुशी से गुज़ार दे।
Dil
सुनो, कभी दिल करे तो लौट आना,
इस दिल के दरवाजे आज भी तेरे इंतज़ार में खुले हैं।
Dil
दिल की हर एक दरार में बस तेरा ही नाम है,
तू क्या जाने मेरे दिल का क्या मुकाम है।
Dil
हर धड़कते पत्थर को लोग दिल समझते हैं,
उम्रें बीत जाती हैं दिल को दिल बनाने में।
Dil
ये दिल तो मेरा है, पर धड़कता तुम्हारे लिए है,
ये आँखें मेरी हैं, पर सपना सिर्फ तुम्हारा देखती हैं।
Dil
कैसे कह दूँ कि मेरा दिल कभी टूटा नहीं,
बस मैंने दर्द को छुपाने का हुनर सीख लिया है।
Dil
तुम दिल में रहो, इतना ही काफी है,
मुलाकातें तो अक्सर अधूरी रह जाती हैं।
Dil
दिल तो करता है कि दुनिया की सारी खुशियाँ तेरे कदमों में रख दूँ,
पर कम्बख्त इस दिल के सिवा मेरे पास कुछ है ही नहीं।
Dil
दिल शीशे का हो या पत्थर का, टूटता ज़रूर है,
फर्क सिर्फ इतना है कि शीशा बिखर जाता है और पत्थर खामोश रहता है।
Dil
हम ने सीने से लगाया दिल न अपना बन सका,
मुस्कुरा कर तुम ने देखा और दिल तुम्हारा हो गया।
Dil
कहने को तो बहुत कुछ है इस दिल में,
पर खामोशी से बेहतर कोई ज़ुबान नहीं होती।
Dil
बहुत अंदर तक जला देती हैं,
वो शिकायतें जो इस दिल में दबी रह जाती हैं।
Dil
दिल की ज़िद भी अजीब होती है,
उसी को चाहता है जो नसीब में नहीं होता।
Dil
एक दिल ही तो था मेरे पास, वो भी तुमने चुरा लिया,
अब धड़कनों के सहारे जी रहा हूँ, वो भी तेरे नाम कर दिया।
Dil
कहाँ से लाऊँ वो लफ्ज़ जो दिल की बात कह सकें,
ये कमबख्त दिल तो धड़कता भी सिर्फ तेरे लिए है।
Dil
धड़कनों का भी अपना ही एक उसूल है,
जब भी वो सामने आते हैं, ये अपनी रफ्तार भूल जाती हैं।
Dil
दिल के करीब आकर जब वो दूर जाते हैं,
सच कहूँ तो वो जीते जी हमें मार जाते हैं।
Dil
जब से देखा है उन्हें इन निगाहों ने,
इस दिल ने मेरे धड़कने का अंदाज बदल दिया।
Dil
मेरे दिल की हर धड़कन से तेरा ही नाम निकलता है,
क्या करूँ इस दीवाने का जो सिर्फ तुझ पर मरता है।
Dil
दिल की किताब में गुलाब उनका था,
रात की नींद में वो ख्वाब उनका था।
Dil
मोहब्बत में ये दिल का ही कसूर होता है,
जो पास नहीं होता उसी के लिए मजबूर होता है।
Dil
दिल लेके मुफ्त कहते हैं कुछ काम का नहीं,
उल्टी शिकायतें हुईं और अहसान तो गया।
Dil
तेरा ख्याल तेरी तलब और तेरी आरज़ू,
इक भीड़ सी लगी है मेरे दिल के शहर में।
Dil
मेरे लबों का तबस्सुम तो सबने देख लिया,
जो दिल पे बीत रही है वो कोई क्या जाने।
Dil
इस दिल की दास्ताँ भी बड़ी अजीब होती है,
बड़ी मुश्किल से इसे ख़ुशी नसीब होती है,
किसी के पास आने पर ख़ुशी हो न हो,
पर दूर जाने पर बड़ी तकलीफ होती है।
Dil
सोचा था दिल को पत्थर बना लेंगे,
पर उनकी एक मुस्कान ने इसे फिर से मोम कर दिया।
Dil
सीने में धड़कता हुआ हिस्सा है मेरा दिल,
पर इसमें जो धड़कन है वो तस्वीर तुम्हारी है।
Dil
दिल का क्या है ये तो धड़कता है तुम्हारे लिए,
वरना इन साँसों की हमें क्या जरूरत थी।
Dil
ये दिल भी कितना पागल है, जो उसके लिए रोता है,
जो किसी और का होकर चैन से सोता है।
Dil
दिल की धड़कनों को कुछ तो काबू में कर ऐ खुदा,
अभी तो बस ख्यालों में आए हैं, और हाल ये है।
Dil
तुम मेरे दिल का वो हिस्सा हो,
जिसे मैं कभी खुद से अलग नहीं कर सकता।
Dil
दिल टूट जाए तो आवाज नहीं आती,
पर इसके टुकड़े बहुत चुभते हैं।
Dil
हमने दिल को बहुत समझाया,
पर ये पागल फिर भी तुम्हारी ही जिद करता है।
Dil
दिल में चुभती है तुम्हारी कमी,
और आँखों में छलक आती है नमी।
Dil
जब से तुम इस दिल में आए हो,
धड़कनें कुछ ज्यादा ही तेज़ हो गई हैं।
Dil
इस दिल की बस एक ही खता है,
कि ये तुम्हें हद से ज्यादा चाहता है।
Dil
दिल ने तो कब का तुम्हें अपना मान लिया,
बस तुमने ही हमें कभी अपना नहीं समझा।
Dil
दिल का सौदा कोई ऐसा कर गया,
अपना बना कर फिर से पराया कर गया।
Dil
मैं अपने दिल की हर बात तुमसे कहना चाहता हूँ,
बस एक बार तुम सुन तो लो।
Dil
दिल के रिश्तों में कोई शर्त नहीं होती,
ये तो बस बेइंतहा प्यार माँगते हैं।
Dil
तुम्हें खोने के डर से ये दिल बहुत घबराता है,
हर पल बस तुम्हें ही चाहता है।
Dil
दिल भी अजीब सी चीज़ है,
दर्द भी वही देता है जो इसमें रहता है।
Dil
मेरे दिल का हाल मत पूछो,
बस यूँ समझ लो कि तुम बिन ये वीरान है।
Dil
दिल तो करता है सब कुछ बता दूँ,
पर वो मेरी खामोशी भी नहीं समझ पाते।
Dil
कुछ लोगों को दिल से निकाला नहीं जाता,
बस वो खुद ही दूर हो जाते हैं।
Dil
ये दिल अब किसी और का हो नहीं सकता,
क्योंकि इस पर तुमने अपना हक जमा लिया है।
Dil
दिल की ज़िद है कि वो तुम्हें ही चाहेगा,
चाहे इसके बदले उसे कितना भी दर्द मिले।
Dil
दिल करता है सारी दुनिया छोड़ कर,
बस तुम्हारे दिल में पनाह ले लूँ।
Dil
जो दिल के सच्चे होते हैं,
वो अक्सर अकेले रह जाते हैं।
Dil
दिल की हर एक धड़कन तुमसे जुड़ी है,
तुम ही मेरी ज़िन्दगी की सबसे बड़ी खुशी हो।
Dil
वो मेरे दिल में कुछ इस तरह बस गए हैं,
जैसे रूह शरीर में बसती है।
Dil
दिल से ज्यादा कोई मासूम नहीं होता,
हजार बार टूट कर भी फिर से प्यार कर लेता है।
Dil
हमने तो दिल हार दिया था पहली ही नज़र में,
उन्हें खबर ही नहीं हुई।
Dil
मेरे दिल की हर एक दरार में,
तुम्हारी ही यादों का पहरा है।
Dil
दिल ने फिर से तुम्हें याद किया है,
आज फिर इन आँखों को रुला दिया है।
Dil
दिल टूटने की आवाज़ नहीं होती,
पर दर्द इसका सदियों तक रहता है।
Dil
ना जाने कैसा रिश्ता है इस दिल का तुमसे,
धड़कता यहाँ है पर परवाह तुम्हारी करता है।
Dil
दिल के आईने में तस्वीर तुम्हारी है,
मेरी तो बस ये एक ही बीमारी है।
Dil
तुम से शुरू और तुम पर ही खत्म,
इस दिल की बस इतनी सी कहानी है।
Dil
दिल की बातें दिल ही जाने,
इस पागल को अब कौन समझाए।
Dil
ये दिल आज भी उसी मोड़ पर खड़ा है,
जहाँ तुमने इसे अकेला छोड़ा था।
Dil
मेरे दिल की किताब का हर पन्ना तुम्हारा है,
इस पर लिखा हर एक लफ्ज़ तुम्हारा है।
Dil
खामोशियों में भी जो आवाज़ सुन ले,
इस दिल ने तुम्हें कुछ ऐसे चुना है।
Dil
टूट कर भी जो धड़कता रहे,
ये वो दिल है जो सिर्फ तुम्हें चाहता है।
Dil
इस दिल से कभी तुम्हारा ख्याल नहीं जाता,
कोई और अब इस दिल को नहीं भाता।
Dil
दिल को बस तुम्हारी ही तलब है,
ये कैसा इश्क और कैसा गज़ब है।
Dil
ये दिल भी कितना पागल है,
जो दर्द देता है उसी की फिक्र करता है।
Dil
मेरे दिल की हर धड़कन पर तुम्हारा नाम है,
तुम ही मेरा इश्क, तुम ही मेरा मुकाम है।
Dil
दिल का दर्द कोई क्या जाने,
हम तो मुस्कुरा कर गम छुपा लेते हैं।
Dil
हर धड़कन में बसते हो तुम,
इस दिल की इकलौती आस हो तुम।
Dil
मैं डर रहा हूँ तुम्हारी नशीली आँखों से
कि लूट लें न किसी रोज़ कुछ पिला के मुझे।
- जलील मानिकपूरी
Dil
साफ दिल वाले ही अक्सर छले जाते हैं,
क्योंकि वो हर किसी को अपना मान लेते हैं।
Dil
दिल की बात हर किसी को बताई नहीं जाती,
अपनों से भी कुछ बातें छुपाई नहीं जाती,
रिश्ते तो बहुत बनते हैं इस दुनिया में,
पर दिल से लगी तारें कभी भुलाई नहीं जाती।
Dil
इस छोटे से दिल में अरमान बहुत हैं,
जिंदगी की राहों में इम्तिहान बहुत हैं,
न जाने कब ये दिल किसी पर आ जाए,
क्योंकि इस नादान दिल के चाहने वाले बहुत हैं।