Ankhein
कुछ इस तरह से वो आँखों से बात करते हैं,
कि लफ्ज़ हार जाते हैं और हम एतबार करते हैं।
Ankhein
आँखों में रहने वालों को कभी दिल से नहीं निकालते,
तू तो मेरी हर धड़कन में बसा है।
Ankhein
तेरे चहरे से नजर हटे तो दुनिया देखूँ,
इन आँखों को बस तेरी ही आदत हो गई है।
Ankhein
रात भर जागता हूँ तेरी ही यादों में,
इन आँखों को अब नींद से दुश्मनी सी हो गई है।
Ankhein
कोई पढ़ ना ले मेरी आँखों में तेरी यादों की नमी,
इसलिए अक्सर मैं मुस्कुरा कर बात टाल देता हूँ।
Ankhein
ये तेरी आँखें हैं या कोई जादू का प्याला,
जो भी इन्हें देखता है, बस तेरा हो जाता है।
Ankhein
तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रखा क्या है,
तेरी आँखों ने मुझे दीवाना बना रखा है।
Ankhein
सुना है तेरी आँखों में समंदर की गहराई है,
तभी तो मेरे दिल ने वहाँ डूबने की कसम खाई है।
Ankhein
आँखें पढ़ो और जानो हमारी रज़ा क्या है,
हर बात लफ़्ज़ों से हो तो मज़ा क्या है।
Ankhein
तेरी आँखों में वो नशा है,
जिसके आगे मयखाने भी सजदे करते हैं।
Ankhein
नजरों से नजरों का टकराव जब होता है,
दिल का धड़कना फिर बेहिसाब होता है।
Ankhein
डूबने का मन करता है तेरी इन गहरी आँखों में,
जैसे कोई किनारा समंदर को पुकारता हो।
Ankhein
झुकती हैं तो हया बन जाती हैं,
उठती हैं तो दुआ बन जाती हैं,
क्या बात है तुम्हारी इन आँखों में,
ये तो मेरे जीने की वजह बन जाती हैं।
Ankhein
इन आँखों को जब तेरा दीदार हो जाता है,
दिन कोई भी हो मेरा तो त्यौहार हो जाता है।
Ankhein
तेरी आँखों की कशिश भी क्या कमाल है,
जो एक बार देख ले वो उम्र भर बेहाल है।
Ankhein
तलब करें तो ये आँखें भी इन को दे दूँ मैं,
मगर ये लोग इन आँखों के ख़्वाब माँगते हैं।
Ankhein
उन रस भरी आँखों में हया खेल रही है,
दो ज़हर के प्यालों में क़ज़ा खेल रही है।
Ankhein
लोग नज़रों को भी पढ़ लेते हैं,
अपनी आँखों को झुकाए रखना।
Ankhein
आँख से आँख जब नहीं मिलती,
दिल से दिल हम-कलाम होता है।
Ankhein
आँखों में दर्द है, लबों पे ख़ामोशी,
दिल में एक ख्वाहिश, जो कभी पूरी न हो।
तेरी यादों के साये में जी रहा हूँ,
जितना तुझसे दूर हूँ, उतना पास महसूस हो रहा हूँ।
Ankhein
इस क़दर रोया हूँ तेरी याद में,
आईने आँखों के धुँदले हो गए।
Ankhein
शबनम के आँसू फूल पर ये तो वही क़िस्सा हुआ,
आँखें मिरी भीगी हुई चेहरा तिरा उतरा हुआ।
Ankhein
आँखों में नींद और दिल में तू,
कितनी उलझनों में जी रहे हैं हम।
Ankhein
एक आँसू भी हुकूमत के लिए ख़तरा है,
तुम ने देखा नहीं आँखों का समुंदर होना।
Ankhein
खामोश चेहरे हैं हजार पहरे हैं,
हंसती आंखों में भी जख्म गहरे हैं,
जिनसे अक्सर रूठ जाते हैं हम,
असल में उनसे ही रिश्ते गहरे हैं।
Ankhein
मैं डर रहा हूँ तुम्हारी नशीली आँखों से
कि लूट लें न किसी रोज़ कुछ पिला के मुझे।
- जलील मानिकपूरी
Ankhein
तेरी आँखों में जो नूर है, वो कहीं और नहीं,
मेरी ज़िन्दगी का जो गुरूर है, वो कहीं और नहीं।
Ankhein
तेरी निगाहें मेरी सारी उदासी छीन लेती हैं,
तेरे आँखों की चमक मुझे नई ज़िन्दगी देती हैं।
Ankhein
इन आँखों की गुस्ताखियों को माफ़ कर देना,
जो तुम्हें देखते ही दुनिया को भूल जाती हैं।
Ankhein
तेरी आँखों का जादू मेरे सिर चढ़ कर बोलता है,
तेरी यादों का झोंका मेरे दिल के दरवाज़े खोलता है।
Ankhein
आँखों से जो बात होती है, वो लफ्ज़ों में कहाँ,
जो अक्स इनमें है, वो किसी और आईने में कहाँ।
Ankhein
तेरी निगाहें जब भी मुझसे मिलती हैं,
जैसे एक सूखी ज़मीन पर बारिश की बूँदें गिरती हैं।
Ankhein
उन आँखों का भी क्या अजीब फसाना है,
जिन्हें देखकर सारी दुनिया को भुलाना है।
Ankhein
तेरी आँखों की नमी मुझे रुला देती है,
तेरी आँखों की चमक मुझे हँसना सिखा देती है।
Ankhein
ये पलकें जब भी उठती हैं तो सुबह होती है,
जब भी झुकती हैं तो शाम ढल जाती है।
Ankhein
आँखें तो सबकी होती हैं, पर नशा सिर्फ तेरी आँखों में है,
दिल तो सबका धड़कता है, पर धड़कन सिर्फ तेरी बातों में है।
Ankhein
तेरी आँखों में एक अजब सा जादू है,
जब भी देखता हूँ, खुद को भूल जाता हूँ।
Ankhein
उन आँखों की भी क्या तारीफ करूँ,
जिन्होंने मुझे बिना शराब के ही शराबी बना दिया।
Ankhein
अपनी निगाहों को मेरे चेहरे से मत हटाना,
इन आँखों में ही तो मेरा पूरा जहाँ बसता है।
Ankhein
तेरी आँखों की कशिश का भी कोई जवाब नहीं,
जिसे देख लें एक बार, वो फिर कभी आबाद नहीं।
Ankhein
ये आँखें जब भी मुझे देखती हैं,
मेरी सारी शिकायतें खुद ही दम तोड़ देती हैं।
Ankhein
आँखों ने आँखों से इकरार कर लिया,
और दिल ने बिना सोचे ही प्यार कर लिया।
Ankhein
तेरी आँखों की सादगी पे मर मिटे हम,
वरना इस ज़माने में हुस्न की कोई कमी ना थी।
Ankhein
नींद से क्या दुश्मनी, जो आती नहीं रात भर,
कसूर तो उन आँखों का है, जो ख्वाबों में जगाती हैं।
Ankhein
तेरी आँखों का रंग मेरी ज़िन्दगी को रंगीन बनाता है,
तेरा देखना ही तो मेरे दिल को धड़कना सिखाता है।
Ankhein
काजल से सजी इन आँखों का क्या कहना,
जैसे रात के अँधेरे में चमकता हो कोई गहना।
Ankhein
इन आँखों को भी शिकायत है तुम्हारी दूरी से,
ये भी अब छलक जाती हैं तुम्हारी किसी मजबूरी से।
Ankhein
वो आँखों से कुछ इस तरह बात करते हैं,
कि हम लफ्ज़ों को भूल कर बस उन्हें सुना करते हैं।
Ankhein
आँखें बंद करूँ तो तेरा ही ख्वाब आता है,
आँखें खोलूँ तो तेरा ही इंतज़ार सताता है।
Ankhein
खूबसूरती तेरी आँखों की किसी गज़ल से कम नहीं,
जो एक बार इन्हें पढ़ ले, उसे फिर कोई गम नहीं।
Ankhein
तेरी आँखों में मैं अपना मुकाम ढूँढता हूँ,
अपनी बेचेन रातों का आराम ढूँढता हूँ।
Ankhein
ये जो तुम्हारी आँखें हैं, सब कुछ बयान कर देती हैं,
लब खामोश रहते हैं, पर ये निगाहें इकरार कर लेती हैं।
Ankhein
झुकी हुई निगाहों में भी कमाल होता है,
बिना कुछ कहे भी बहुत कुछ सवाल होता है।
Ankhein
किसी की आँखों में क्या खूब नशा था,
कि हम पीना छोड़ कर उनमें डूबने लगे।
Ankhein
नज़र से नज़र मिली और दिल हार बैठे,
हम तो बस तेरी आँखों के दीवाने यार बैठे।
Ankhein
तेरी निगाहें जो उठीं तो क़यामत आ गई,
तेरी पलकें जो झुकीं तो एक गज़ल बन गई।
Ankhein
आँखों ही आँखों में इज़हार हो गया,
हमको भी ना जाने कब उनसे प्यार हो गया।
Ankhein
तुम्हारी आँखों की तौहीन है ज़रा सोचो,
कि तुम्हारा चाहने वाला शराब पीता है।
Ankhein
इन आँखों को तेरा ही इंतज़ार रहता है,
तू पास ना हो तो ये दिल बेकरार रहता है।
Ankhein
नशीली आँखों से वो जब देखते हैं,
कसम से, हम अपनी सारी दुनिया भूल बैठते हैं।
Ankhein
उनकी आँखों में क्या कशिश थी, मत पूछिए,
हम तो बस देखते ही रह गए और वो दिल ले गए।
Ankhein
पलकें झुका कर जब वो इकरार करते हैं,
सच कहूँ, वो अपनी आँखों से ही तो प्यार करते हैं।
Ankhein
तेरी आँखों से जो पी है, वो शराब कहाँ,
तेरे दीदार का जो नशा है, वो खुमार कहाँ।
Ankhein
ये आँखें हैं या मयखाने का दरवाज़ा,
जो भी इनमें झाँकता है, मदहोश हो जाता है।
Ankhein
तेरी आँखों की गहराई में डूब जाने का मन करता है,
ये वो समंदर है जहाँ किनारा पाने का मन नहीं करता।
Ankhein
इन आँखों में जो तस्वीर है, वो सिर्फ तुम्हारी है,
वरना इस दुनिया में देखने लायक और क्या है।
Ankhein
आँखें जो उठाए तो मोहब्बत का गुमाँ हो,
नज़रों को झुकाए तो शिकायत सी लगे है।
Ankhein
इक हसीं आँख के इशारे पर,
क़ाफ़िले राह भूल जाते हैं।
Ankhein
जो उन मासूम आँखों ने दिए थे,
वो धोके आज तक मैं खा रहा हूँ।
Ankhein
ख़ुदा बचाए तिरी मस्त मस्त आँखों से,
फ़रिश्ता हो तो बहक जाए आदमी क्या है।
Ankhein
कभी-कभी बिना कुछ कहे भी,
बहुत कुछ कह जाती हैं आँखें।
Ankhein
चिरागों को आंखों में महफूज रखना,
बहुत दूर तक रात ही रात होगी,
मुसाफिर हो आप, मुसाफिर हैं हम,
किसी मोड़ पर, फिर मुलाकात होगी।
Ankhein
हमें आपकी आँखों में पनाह मिल जाये,
दिल क्या जान भी आपके नाम हो जाये,
दुनिया भले ही हमें दीवाना करार दे,
मेरी जिंदगी आपकी चाहत में फना हो जाये।
Ankhein
मेरी आँखों में कोई और बसता नहीं,
आपको इन आँखों में बसाने के बाद,
मेरा दिल अब कही और लगता नहीं,
इक आपसे दिल को लगाने के बाद।
Ankhein
ये आँखे हर पल उन्हें तलाश करती हैं,
कोई तो है जिसके दीदार के लिए तरसती हैं।
Ankhein
बोलती बहुत हैं तुम्हारी ये झुकी हुई पलकें,
बिना कुछ कहे ही सब बयां कर देती हैं,
जब भी देखते हो तुम शरमा कर मुझे,
ये दिल धड़कने की सारी हदें पार कर देता है।
Ankhein
तुम्हारी इन नीली और गहरी आँखों में,
ये सारा जहान डूब जाना चाहता है,
क्या कशिश है तुम्हारी इस एक नजर में,
कि हर कोई तुम्हारा दीवाना हो जाना चाहता है।