Paigham-e-Mohabbat
तुम्हे याद करते-करते शाम से रात हो जाती है, और हमारे होठों पर बस तुम्हारी ही बात होती है।
आंखों में तुम्हारी याद का समुद्र लिए फिरते हैं, हम अकेले में बस तुम्हारा ही नाम जपते हैं।
तुम्हारी याद का दरिया जब दिल में उतर जाता है, तो हर एक ग़म आसानी से गुजर जाता है। हम कितने भी मजबूर क्यों न हों इस दुनिया में, तुम्हारा ख्याल आते ही चेहरा सुधर जाता है।
तेरे जाने के बाद ये घर सूना हो गया है, हर एक कोना जैसे अनजाना हो गया है। बस तुम्हारी यादें बची हैं इस कमरे में, जिनसे अब हमारा पुराना याराना हो गया है।
यादों के सफर में हम अकेले निकल पड़े हैं, मंजिल की तलाश में रास्ते में ठहर गए हैं। तुम तो भूल गए हो हमें इस दुनिया की भीड़ में, और हम आज भी तुम्हारी याद में वहीं खड़े हैं।
तुम्हारी याद आने से ये चेहरा खिल जाता है, जैसे प्यासे को सहारा मिल जाता है। हम भुला देना चाहते हैं हर ग़म को, पर तुम्हारी याद आते ही सब भूल जाता है।
रात भर जाग कर तेरी याद में रोते हैं, हम अपने ही आंसुओं से अपना दामन भिगोते हैं। तुम्हें परवाह ही नहीं हमारे इस हाल की, और हम हैं कि आज भी तुम्हीं से उम्मीद संजोते हैं।
तुम्हारी याद का एक नया आलम होता है, जब भी ये दिल अकेले में रोता है। कोई नहीं सुनता हमारी इस खामोशी को, बस तुम्हारी तस्वीर ही हमारा सहारा होती है।
जब भी आती है तुम्हारी याद इस दिल में, एक अजीब सी हलचल मच जाती है महफिल में। लोग पूछते हैं हमसे हमारी उदासी की वजह, और हम बस मुस्कुरा कर टाल देते हैं हर महफिल में।
तेरे मिलने की उम्मीद तो अब नहीं रही, पर तेरी याद दिल से कभी जुदा नहीं हुई। हम जी रहे हैं बस इसी आस के सहारे, कि शायद कभी लौट कर आएगी वो पुरानी घड़ी।
यादों का ये सिलसिला कभी खत्म नहीं होता, तुम्हारे बिना ये दिल कभी खुश नहीं होता। हम मानते हैं कि किस्मत में मिलना नहीं था, पर तुम्हें याद किए बिना एक भी दिन नहीं होता।
तुम्हारी याद के साये में रात कट जाती है, आंखों की नींद जाने कहां छिप जाती है। हम पूछते हैं जब भी इस दिल से अपने, तो ये कमबख्त बस तुम्हारा ही नाम लेती है।
आंखों में आंसू और दिल में तेरा नाम है, तुझको भुलाने की कोशिश का ये अंजाम है। हम जीते जी मर रहे हैं तेरी याद में, देख ले ऐ बेवफा तेरा कितना ऊंचा मुकाम है।
तेरे बिना ये शाम कुछ उदास लगती है, हर एक खामोशी अब फरियाद लगती है। हम तुम्हें कितना याद करते हैं क्या बताएं, हमारी हर सांस तुम्हारी याद की मोहताज लगती है।
तुम्हारी याद का दीप हमने दिल में जलाया है, इसलिए अंधेरा हमारे करीब कभी नहीं आया है। हम चाहते हैं कि तुम हमेशा खुश रहो, चाहे हमारी किस्मत में बस तुम्हारी याद हो।
सुबह का पहला ख्याल और रात की आखिरी याद हो तुम, इस दिल की धड़कन और जीने की फरियाद हो तुम। चाहे कितनी भी दूरियां आ जाएं हमारे बीच, इस दीवाने दिल के लिए सबसे पहले आज भी तुम हो।
याद बन कर तुम हमारे दिल में बस गए हो, जैसे हर सांस के साथ तुम चल रहे हो। अब तो कोई और खवाहिश बची ही नहीं दिल में, बस तुमसे मिलने की आस लेकर जी रहे हैं।
खिड़की के पास बैठकर जब चांद को देखते हैं, तुम्हारी तस्वीर इन बादलों में ढूंढते हैं। तुम कितने दूर हो गए हो हमारी जिंदगी से, पर ये दिल आज भी तुम्हें अपना मानता है।
तुम्हारी यादों का मौसम जब-जब छा जाता है, ये सूखा हुआ दिल फिर से हरा हो जाता है। हम लाख कोशिश करें तुम्हें भुलाने की, पर हर एक रास्ता तुम्हीं तक ले जाता है।
दिल की किताब में नाम तुम्हारा लिखा है, हर एक पन्नों पर बस तुम्हारा ही पहरा है। तुम दूर हो हमसे तो क्या हुआ मेरे यार, हमारी हर सुबह और हर शाम तुम्हारे नाम है।
रात के इस सन्नाटे में एक आवाज आती है, तुम्हारी याद हमें हर पल तड़पाती है। हम अकेले होकर भी अकेले नहीं होते कभी, क्योंकि हर वक्त तुम्हारी परछाई हमारे साथ होती है।
तुम्हारी याद जब इस दिल में आती है, ये खामोश रात और भी गहरी हो जाती है। हम कितना भी छुपाएं इस दर्द-ए-दिल को, पर हर एक सांस तुम्हारी याद दिला जाती है।
याद आना और याद करना दोनों अलग बातें हैं, याद हम उन्हें करते हैं जो हमारे अपने होते हैं, और याद वो आते हैं जो दिल के करीब होते हैं।
कभी-कभी यादें इतनी गहरी हो जाती हैं, कि आँखों से आँसू बन कर बहने लगती हैं, और हम चाह कर भी उन्हें रोक नहीं पाते, क्योंकि वो यादें भी तो हमारी ही कहानी कहती हैं।
तुम याद नहीं करते तो हम गिला क्यों करें, खामोशी को तुम्हारी हम सज़ा क्यों कहें, अगर यही है तुम्हारी मोहब्बत का अंदाज़, तो फिर हम भी तुम्हारी यादों में क्यों जियें।
उनकी यादों को प्यार करते हैं, लाखों जन्म उन पर निसार करते हैं, अगर राह में मिले वो कभी, तो कहना उनसे कि हम आज भी उनका इंतज़ार करते हैं।
तुम्हारी यादों में खोना मुझे अच्छा लगता है, क्योंकि सिर्फ वहीं तुम पूरी तरह से मेरे होते हो।
यादें एक ऐसी किताब हैं, जिसे हम बार-बार पढ़ना पसंद करते हैं, चाहे उसमें कितना भी दर्द क्यों ना हो।
यादें हमें बताती हैं कि हम कहाँ से आए हैं, और हमें ये भी सिखाती हैं कि हमें कहाँ जाना है।
दिल करता है सारी यादें मिटा दूँ, पर फिर सोचता हूँ कि अगर यादें मिट गईं, तो फिर जीने के लिए मेरे पास बचेगा क्या।
यादें किसी की जागीर नहीं होतीं, ये तो वो पंछी हैं जो कभी भी किसी के भी पास उड़ कर आ सकते हैं।
ये यादें भी बड़ी अजीब होती हैं, रुलाने वाले को हँसा देती हैं और हँसाने वाले को रुला देती हैं।
दिल की किताब में गुलाब उनका था, रात की नींद में वो ख्वाब उनका था, कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा, तो मर जाएंगे तुम्हारे बिना, ये जवाब उनका था... (और अब सिर्फ यादें हैं)।
तुम्हारी यादों की खुशबू से महकती है ज़िंदगी मेरी, तुम नहीं हो साथ, पर एहसास हमेशा तुम्हारा ही रहता है।
खूबसूरत यादें हमेशा दिल में बसती हैं, चाहे इंसान कितनी भी दूर क्यों ना हो, वो यादें ही हैं जो हमें जीने की वजह देती हैं।
आज फिर तेरी याद ने रुला दिया मुझे, आज फिर तेरी तस्वीर ने तड़पा दिया मुझे, मैं तो भूलने ही वाला था तेरा वो अक्स, पर इस कम्बख्त दिल ने फिर से याद दिला दिया मुझे।
यादों का कोई वज़न नहीं होता, पर कभी-कभी ये बहुत भारी लगने लगती हैं, खासकर तब जब वो इंसान साथ ना हो, जिसकी वो यादें होती हैं।
उन रास्तों से गुज़रता हूँ तो याद आते हो तुम, हवाओं में तेरी महक से महसूस होते हो तुम, कैसे कह दूँ कि भूल गया हूँ मैं तुम्हें, मेरी हर साँस, हर धड़कन में बसते हो तुम।
याद आना और याद करना दोनों अलग बातें हैं, याद हम उन्हें करते हैं जो हमारे अपने होते हैं, आैर याद वो आते हैं जो दिल के करीब होते हैं।
कभी-कभी यादें इतनी गहरी हो जाती हैं, कि आँखों से आँसू बन कर बहने लगती हैं, आैर हम चाह कर भी उन्हें रोक नहीं पाते, क्योंकि वो यादें भी तो हमारी ही कहानी कहती हैं।
यादों के भंवर में फँस गए हैं हम, निकलना चाहते हैं पर निकल नहीं पाते, तेरी यादों का नशा ही कुछ ऐसा है, कि हम किसी और को अब याद नहीं कर पाते।
अजीब सी आदत हो गई है तेरी यादों की, ना नींद आती है ना कोई काम होता है, बस सारा दिन और सारी रात, होंठों पर सिर्फ और सिर्फ तेरा ही नाम होता है।
तेरी यादों को मैंने दिल में छुपा कर रखा है, दुनिया की नज़रों से बचा कर रखा है, तू लौट कर आए या ना आए, मैंने तेरा इंतज़ार हमेशा अपनी आँखों में सजा कर रखा है।
तुम याद नहीं करते तो हम gila क्यों करें, खामोशी को तुम्हारी हम सज़ा क्यों कहें, अगर यही है तुम्हारी मोहब्बत का अंदाज़, तो फिर हम भी तुम्हारी यादों में क्यों जियें।
यादों की किताब हमेशा खुली रहती है, बस पलटने वाले की नज़र चाहिए, हर पन्ने पर छुपा है एक नया दर्द, बस उसे समझने वाला कोई हमसफ़र चाहिए।
कोई पल ऐसा नहीं जिसमें तेरी याद न आई हो, कोई दिन ऐसा नहीं जिसमें तेरी कमी न सताई हो, हम तो आज भी उसी मोड़ पर खड़े हैं, जहाँ से तुमने हमें अकेला छोड़ जाने की कसमें खाई हों।
यादें तो सिर्फ एक एहसास हैं, जो दिल के बहुत करीब होती हैं, दूर हो जाते हैं वो लोग जिन्हें हम चाहते हैं, पर उनकी यादें हमेशा हमारे नसीब होती हैं।
तड़प उठते हैं जब भी तेरी याद आती है, ये हवा भी तेरा ही पैगाम लाती है, हम तो चाहते हैं कि भूल जाएँ सब कुछ, पर ये कम्बख्त दिल फिर से तेरी याद दिलाती है।
तेरी यादों के सहारे ही तो जी रहे हैं हम, वरना इस दुनिया में रखा क्या है, लोग पूछते हैं मेरी इस खामोशी का राज़, उन्हें क्या पता इन यादों में छुपा क्या है।
अक्सर याद आते हैं वो गुजरे हुए पल, जब हम हँसते थे बिना किसी वजह के, आज वजह बहुत हैं मुस्कुराने की, पर वो पहली सी बात नहीं रही।
रिश्ते तो टूट जाते हैं वक़्त के साथ, पर यादें कभी पीछा नहीं छोड़तीं, चाहे कितना भी दूर चला जाए इंसान, पर दिल से जुड़ी तारें कभी नहीं टूटतीं।
काश कोई ऐसी हवा चले, जो तेरी यादों को मेरे पास ले आए, मैं आँखें बंद करूँ और, तेरा वो मुस्कुराता हुआ चेहरा नज़र आए।
रात की गहराई में यादों का बसेरा है, मेरे हर ख्वाब में बस तेरा ही चेहरा है, मत पूछ मेरे इन रातों का आलम, मेरी हर रात में बस तेरी यादों का पहरा है।
भूलना चाहूँ तो भी कैसे भूलूँ तुम्हें, मेरी हर साँस में बसी है तेरी यादें, तू चाहे दूर चला जाए मेरी नज़रों से, पर मेरे दिल में हमेशा रहेंगी तेरी बातें।
जब भी तेरी याद आती है, आँखों में आँसू और होठों पे मुस्कान छा जाती है, क्या अजीब रिश्ता है ये यादों का भी, तू दूर होकर भी मेरे पास नज़र आती है।
कुछ यादें कभी पुरानी नहीं होतीं, कुछ मोहब्बतें कभी खत्म नहीं होतीं, लोग दूर चले जाते हैं नज़रों से, पर वो दिल से कभी जुदा नहीं होते।
यादें अक्सर होती हैं सताने के लिए, कोई रूठ जाता है फिर मान जाने के लिए, रिश्ते निभाना कोई मुश्किल तो नहीं, बस दिलों में प्यार चाहिए निभाने के लिए।
उनकी यादों को प्यार करते हैं, लाखों जन्म उन पर निसार करते हैं, अगर राह में मिले वो kabhi, तो कहना उनसे कि हम आज भी उनका इंतज़ार करते हैं।
बदल जाते हैं वो लोग वक़्त की तरह, जिन्हें हद से ज़्यादा वक़्त दिया जाता है, रह जाती हैं तो बस यादें, जिन्हें उम्र भर सीने से लगाया जाता है।
सोच कर उसके बारे में मुस्कुराते हैं हम, खुद को ही रोज़ नयी कहानी सुनाते हैं हम, जब भी याद करते हैं उसको, सारी दुनिया को उस वक़्त भूल जाते हैं हम।
अब उदास होना भी अच्छा लगता है, किसी का पास न होना भी अच्छा लगता है, मैं दूर रह कर भी किसी की यादों में हूँ, ये एहसास होना भी अच्छा लगता है।
दिल में आप हो और कोई खास कैसे होगा, यादों में आपके सिवा कोई पास कैसे होगा, हिचकियाँ कहती हैं आप याद करते हो, पर बोलोगे नहीं तो मुझे एहसास कैसे होगा।
याद करते हैं तुम्हें तन्हाई में, दिल डूबा है गमो की गहराई में, हमें मत ढूंढना दुनिया की भीड़ में, हम मिलेंगे तुम्हें तुम्हारी ही परछाई में।