Paigham-e-Mohabbat
चाँद और तारों की इस हसीन रात में, तेरी ही खुशबू बसी है इस कायनात में। हम जिएं या मरें अब परवाह किसे है, बस तू हमेशा रहे हमारी इस छोटी सी बात में।
चाँद की ठंडक जब रूह को छू जाती है, तेरी याद एक हसीन सौगात बन जाती है। हम लाख छुपाना चाहें अपने इस प्यार को, मगर हर शायरी तेरी ही बात बन जाती है।
रात की चादर पर टिमटिमाते ये तारे, जैसे कह रहे हों कि हम हैं तुम्हारे। चाँद भी मुस्कुराकर दे रहा है गवाही, कि हम दोनों के रिश्ते हैं सबसे प्यारे।
चाँद कहता है कि रात बहुत लंबी है, मेरा दिल कहता है कि तेरी याद बहुत संगी है। हम काट लेंगे ये तन्हाई के लम्हे भी, बस एक बार कह दे कि तू भी हमारे रंग में रंगी है।