Paigham-e-Mohabbat
सारे रिश्ते इस जहाँ के धोखेबाज निकलते हैं, एक माँ का प्यार ही है जो हमेशा सच्चा निकलता है।
तेरी हर डांट में भी छुपा हमारा प्यार होता है, तू जानती है कि हमारा भविष्य क्या और यार होता है।
तेरी आँखों में कभी जो आंसू आ जाए, तो भगवान से भी मेरा दिल खफा हो जाए। तू हमेशा मुस्कुराती रहे यही दुआ है मेरी, तुझे कभी कोई गम न छू पाए मेरी ज़िंदगी से।
तूने सिखाया है हमें कभी हार न मानना, मुसीबत आने पर भी घबराकर पीछे न हटना। तेरी सिखाई हुई ये बातें हमेशा याद रहेंगी, जब तक ये सांसें इस शरीर में चलती रहेंगी।
दुनिया के लिए तू एक आम इंसान होगी, मगर मेरे लिए तू इस कायनात का भगवान होगी। तेरी उंगली पकड़कर मैंने दुनिया को देखा है, तू ही मेरी पहली और आखिरी पहचान होगी।
माँ तेरे माथे की शिकन जब भी मैं देखता हूँ, अपने किए हुए गुनाहों पर बहुत पछताता हूँ। तुझे कभी कोई दुख न दे पाऊँ मैं अपनी वजह से, बस खुदा से हर पल यही फरियाद करता हूँ।
माँ तेरे हाथों के खाने की खुशबू जब आती है, बचपन के दिनों की याद फिर से आ जाती है। वो प्यार से थपकी देकर सुलाना तेरा रात को, आज भी मेरी तन्हाई में बहुत काम आती है।
तेरी दुआओं का पहरा जो साथ रहता है, तो कोई भी तूफ़ान मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। तू है तो इस ज़िंदगी का हर सफर आसान है, तेरा साया ही मेरे सर पर सबसे बड़ा ताज है।
माँ तेरी याद जब-जब दिल को सताती है, आँखों से बहती हुई धारा यादें ताज़ा कर जाती है। दूर हूँ तुझसे काम के सिलसिले में इस शहर में, मगर मेरी धड़कन में सिर्फ तेरी ही मूरत समाई है।
तूने हँसते-हँसते अपने सारे अरमान मिटा दिए, हमारे हर सपने को पूरा करने में दिन-रात बिता दिए। तेरी इस कुर्बानी का मोल हम क्या चुकाएंगे, बस तेरे चरणों में अपना यह जीवन बिताना चाहेंगे।
माँ तेरी ममता के आगे सारे रिश्ते फीके हैं, तेरे बिना इस जहाँ के सारे रंग फीके हैं। तू है तो मेरी ज़िंदगी में बहार है छाई, तेरे बिना तो मेरे सारे अपने भी पराये से हैं।
जब भी दुनिया ने मुझे अकेला छोड़ दिया, तेरी दुआओं ने हर गम का रुख मोड़ दिया। तूने ही तो सिखाया है लड़ना इन हालातों से, तेरी हिम्मत ने ही मेरा हर डर तोड़ दिया।
तेरे आंचल में छुपा हर जादू हमने देखा है, तुझसे बढ़कर न कोई मूरत, न कोई देवता देखा है। तू ही मेरी मंदिर, तू ही मेरी मन्नत है माँ, तुझसे ही शुरू और तुझ पर ही खत्म मेरी जन्नत है।
अंधेरी रातों में दीया बनकर जो जलती है, वह सिर्फ और सिर्फ हमारी माँ होती है। खुद सारे कांटे चुन लेती है अपने रास्ते से, और हमारे लिए फूलों की सेज सजाती है।
माँ तेरे चेहरे की हंसी ही मेरी ताकत है, तेरा हर एक शब्द मेरे लिए इबादत है। तू खुश रहे हमेशा यही चाहत है मेरी, तू सलामत है तो समझो ऊपरवाला हमारे साथ है।
तेरी झुर्रियों में छुपा मेरा पूरा बचपन है, तेरा आशीर्वाद ही मेरे लिए सबसे बड़ा धन है। तू है तो मेरी हर मंजिल आसान हो जाती है, तेरे होने से ही मेरी यह दुनिया रोशन है।
तूने खुद भूखे रहकर हमें हमेशा खिलाया है, अपने आंचल की छांव में हर गम से बचाया है। तेरी इस महानता का कर्ज हम चुका नहीं पाएंगे, बस दिल से हर पल यही दुआ तुम्हारे लिए गाएंगे।
तेरी ममता का समंदर कभी कम नहीं होता, तेरे जैसा चाहने वाला इस दुनिया में कोई नहीं होता। हम रूठ भी जाएं तो मना लेती है प्यार से, माँ के प्यार जैसा पवित्र इस जहाँ में कोई प्यार नहीं होता।
तेरी गोद का तकिया और तेरी ममता की लोरी, सब कुछ भूल जाता हूँ सुनकर तेरी वो मीठी बोली। दुनिया की इस भागदौड़ में बहुत थक गया हूँ मैं, माँ दिल चाहता है फिर से तेरी बाहों में सो जाऊँ कहीं।
चोट मुझे लगती है तो दर्द तुझे होता है, तेरा दिल मेरे रोने पर रातभर रोता है। ऐ भगवान ऐसी ममता कहाँ से लाई तूने इस माँ में, जो अपनी हर खुशी छोड़कर बच्चों पर सब कुछ वार देती है।
तेरी सादगी और ममता की कोई मिसाल नहीं, तू है तो इस जीवन में कोई भी मलाल नहीं। खुदा से बस यही मांगता हूँ अपनी हर दुआ में, कि अगले जन्म में भी तू ही मिले माँ मेरी जान।
रात को जब भी मेरी आँख खुल जाती है, तेरी ममता की एक छांव दिल को छू जाती है। तू दूर है मुझसे तो क्या हुआ मेरी माँ, तेरी दुआओं की खुशबू आज भी मेरे पास आती है।
जब भी कभी मुसीबत ने मुझे घेरा है चारों ओर, तेरी ही ममता ने पुकारा है मुझे जोर-जोर। तूने ही तो बचाया है हर बला से अपनी दुआओं में, माँ तेरे जैसा निस्वार्थ इस दुनिया में नहीं कोई और।
तेरी उंगली पकड़कर चलना सीखा था मैंने, इस दुनिया के हर दर्द को सहना सीखा था मैंने। आज इस काबिल हूँ कि खुद के पैरों पर खड़ा हूँ, ये तेरी ही ममता का असर है जो आज यहाँ खड़ा हूँ।
ना जाने कौन सी दुआओं का असर होता है, कि माँ के होने से हर गम बेअसर होता है। दुनिया लाख ठुकरा दे हमको इस भीड़ में, माँ का एक प्यार ही हर ज़ख्म का मरहम होता है।
माँ तेरे आंचल की ठंडक जब भी याद आती है, यह सूखी आँखें फिर से नम हो जाती हैं। तू पास नहीं है तो यह घर काटने दौड़ता है, तेरी कमी मुझे हर एक पल बहुत रुलाती है।
खुदा से क्या मांगूँ मैं और क्या इबादत करूँ, मेरी हर दुआ की शुरुआत बस तुझसे ही शुरू करूँ। तू सलामत रहे हमेशा मेरे सर पर हाथ रखकर, तेरे बिना मैं इस ज़िंदगी में बिल्कुल अधूरा हूँ।
थक जाता हूँ जब मैं दुनिया के सफ़र से आकर, तेरी गोद में जो सुकून है वो कहीं नहीं पाकर। सारे दर्द भूल जाता हूँ तेरी एक लोरी सुनकर, तू ही है मेरी ताकत इस कड़कती धूप में आकर।
जब भी लड़खड़ाते हैं मेरे कदम इस दुनिया में, तेरी याद ही संभाल लेती है मुझे हर मुसीबत में। तूने ही सिखाई है मुझे चलना इस ज़मीन पर, तेरे जैसा प्यारा इस पूरी कायनात में नहीं।
अंधेरों में जब भी कोई रास्ता नहीं सूझता, तेरी दुआओं का साया कभी मुझसे नहीं छूटता। तू दूर होकर भी हर पल पास होती है मेरे, तेरी ममता के आगे हर गम का सिर झुकता है।
तेरी ममता की छांव में जो सुकून मिलता है, वह इस जहान के किसी कोने में नहीं मिलता है। तू ही मेरी पहली दुआ और तू ही खुदा है माँ, तेरे चरणों में ही तो मेरा पूरा जहाँ बसता है।