Paigham-e-Mohabbat
मेरी हर सांस में तेरी महक है, मेरे हर ख्वाब में तेरी झलक है, तू भले ही मुझसे दूर सही मगर, मेरे दिल में बस तेरी ही धड़क है।
कभी लफ्ज़ भूल जाऊं कभी बात भूल जाऊं, तुझे इस कदर चाहूँ कि अपनी ज़ात भूल जाऊं, उठ कर कभी जो तेरे पास से चल दूँ मैं, तो जाते-जाते खुद को तेरे पास भूल जाऊं।
दिल की धड़कन और मेरी सदा है तू, मेरी पहली और आखिरी वफ़ा है तू, चाहा है तुझे चाहत से भी बढ़कर, मेरी चाहत और मेरी दुआ है तू।
तेरी आँखों में डूब जाने का मन करता है, तेरे बाहों में सो जाने का मन करता है, तू वो खूबसूरत ख्वाब है मेरा, जिसे बस सच कर जाने का मन करता है।
कुछ सोचूं तो तेरा ख्याल आ जाता है, कुछ बोलूँ तो तेरा नाम आ जाता है, कब तक छुपाऊँ अपने दिल की बात, तेरी हर एक अदा पर मुझे प्यार आ जाता है。
कोई आदत, कोई बात, या सिर्फ मेरी खता हो तुम, जो भी हो मेरे लिए, मेरी जीने की वजह हो तुम।
तुम्हारे साथ खामोश भी रहूँ तो बातें हो जाती हैं, तुम्हारे बिना ये ज़िन्दगी एक अधूरी रात सी लगती है।
बहुत सुकून मिलता है जब उनसे बात होती है, वो हज़ारों रातों में वो एक रात होती है, जब निगाहें उठा कर वो देखते हैं मेरी तरफ, तब वो ही मेरे लिए पूरी कायनात होती है।
लफ्ज़ों में क्या बयां करूँ अपनी मोहब्बत के फ़साने, मेरे दिल में तुम ही तुम हो, ये बात बस तुम ही जाने।
मेरी सांसो की डोर बस दो ही खाहिशों पर टिकी है, साँस चले तो तुम साथ हो, साँस रुके तो तुम पास हो।
सफर वहीं तक है जहां तक तुम हो नजर वहीं तक है जहां तक तुम हो हजारों फूल देखे हैं इस गुलशन में मगर खुशबू वहीं तक है जहां तक तुम हो।
कितना चाहते हैं तुमको ये कभी कह नहीं पाते, बस इतना जानते हैं, की तेरे बिना रह नहीं पाते
सिर्फ एक तुम ही हो जिसे इस दिल ने चाहा है, वरना इस दुनिया में हसीन चेहरों की कमी नहीं।
तुम्हें चाहना मेरी आदत नहीं मेरी इबादत है, तुम्हें पाना मेरी ज़िद नहीं मेरी मोहब्बत है।
कुछ नशा तो आपकी बात का है, कुछ नशा तो धीमी बरसात का है, हमें आप यूँ ही शराबी ना कहिये, ये दिल पर असर तो आपसे पहली मुलाकात का है।
तुम पूछ लेना सुबह से, ना यकीन हो तो शाम से, ये दिल धड़कता है सिर्फ तुम्हारे ही नाम से।
कितनी खूबसूरत है ये दुनिया तुम्हारे साथ, दिल करता है कभी ना छूटे तुम्हारे हाथों से हाथ।
कभी लफ़्ज़ों में तलाश मत करना मेरे प्यार को, ये तो वो एहसास है जो सिर्फ आँखों में दिखता है। दुनिया चाहे जो भी कहे मेरे इस दीवानेपन को, मेरा दिल तो बस तुम्हारी ही मोहब्बत में बिकता है।
चाँद को भी गुरूर था अपनी चांदनी पर बहुत, मैंने तेरी तस्वीर दिखा कर उसका गुरूर तोड़ दिया। जिस दिन से मिला है मुझे तेरा ये प्यारा साथ, मैंने बाकी दुनिया से हर एक नाता ही छोड़ दिया।
तेरी चाहत में हमने खुद को ही भुला दिया, तेरे इश्क़ ने मेरे हर दर्द को सुला दिया। मैं तो जी रहा था एक बेजान सी ज़िंदगी, तेरी एक मुस्कान ने मुझे फिर से जीना सिखा दिया।
तुझे देखना और फिर तुझे ही देखते रह जाना, यही तो है मेरे इस दिल का हसीन फसाना। तू कोई ख़्वाब है या कोई जन्नत की हूर, बस चाहता हूँ मैं उम्र भर तेरा ही कहलाना।
कुछ तो बात है तेरी इन भोली सी अदाओं में, जो असर करती हैं सीधी मेरी दुआओं में। तुम जब भी पास से गुज़रते हो मेरे, एक मीठी सी खुशबू भर जाती है इन हवाओं में।
तेरी सूरत को जब से मैंने इन आँखों में बसाया है, हर ख्वाब को जैसे मैंने हकीकत में पाया है। अब नहीं चाहिए मुझे इस दुनिया से कोई और ख़ुशी, तेरी मोहब्बत ने मुझे इतना खुशनसीब बनाया है।
मेरे वजूद में तुम कुछ इस तरह समाए हो, जैसे मेरी दुआओं का तुम ही असर लाये हो। ये दिल अब किसी और की तरफ मुड़ता ही नहीं, तुम मेरी ज़िंदगी में ऐसे बनकर हमसफ़र आये हो।
तेरे आगोश में मुझे सारी दुनिया भूल जाती है, तेरी बातें मेरे दिल की हर एक प्यास बुझाती हैं। क्या जादू किया है तेरी इन कातिल निगाहों ने, तेरी सूरत ही मुझे अब हर पल नज़र आती है।
मेरी हर एक धड़कन पे हुकूमत है तुम्हारी, ये कैसी हसीन सी शरारत है तुम्हारी। तुम पास रहो या फिर रहो मेरी नज़रों से दूर, मुझे हर हाल में बस ज़रूरत है तुम्हारी।
कुछ इस तरह से वो मेरे ख्यालों में शामिल है, जैसे वही एक मेरी हर मंज़िल के काबिल है। दुनिया लाख कोशिश करे मुझे उससे दूर करने की, पर उसकी मोहब्बत ही मेरी धड़कनों की हासिल है।
तेरी यादों को सीने से लगाकर सोते हैं, हम तेरे लिए हर पल ऐसे ही बेचैन होते हैं। तुम्हारी एक झलक पाने की इतनी तड़प है, कि अक्सर नींद में भी हम मुस्कुराते और रोते हैं।
सिर्फ़ लफ़्ज़ों से मोहब्बत बयान नहीं होती, सच्ची चाहत कभी भी आसान नहीं होती। तुम आँखों से पढ़ लेना मेरी दिल की बातें, क्योंकि हर बार होंठों पे दास्तान नहीं होती।
तेरे मुस्कुराने से ही तो मेरे दिन की शुरुआत होती है, तेरे लफ़्ज़ों से ही मेरी हर शाम में बात होती है। मैं कैसे बयां करूँ कि तुम क्या हो मेरे लिए, तुम्हारे होने से ही मेरी दुनिया में बरसात होती है।
दिल की हर किताब में गुलाब तुम्हारा है, मेरी रातों की नींद और हर ख्वाब तुम्हारा है। कितना प्यार करते हैं अगर ये पूछोगे हमसे, तो कह देंगे मेरी ज़िंदगी का हर हिसाब तुम्हारा है।
तेरे बिना हर खुशी मुझे अधूरी सी लगती है, तेरे साथ हर ग़म की शाम भी सिंदूरी सी लगती है। ये इश्क़ है या कोई जादू तेरा मुझ पर, तुम्हारी हर बात अब मुझे बहुत ज़रूरी सी लगती है।
तेरा हाथ जब मेरे हाथ में होता है, जैसे सारा जहाँ मेरे साथ में होता है। कोई खौफ नहीं रहता फिर किसी भी तूफ़ान का, जब तेरी मोहब्बत का साया मेरे पास में होता है।
तेरे एहसास से ही मेरी दुनिया महक जाती है, तेरी एक झलक से मेरी हर थकान मिट जाती है। कितना भी दूर रहूँ मैं तेरी नज़रों से मगर, तेरी यादों से ही मेरी हर एक शाम सज जाती है।
लबों पे मुस्कान और आँखों में हया होती है, जब भी महफ़िल में तुम्हारी चर्चा होती है। हम खुद को रोक नहीं पाते तुम्हारी तरफ खींचे जाने से, तुम्हारी हर एक अदा में कोई तो दुआ होती है।
तुम्हें चाहने की वजह कुछ भी नहीं है, इश्क़ की फितरत में ये तो लाज़मी है। तुम साँसों में इस कदर बस गए हो, कि तुम्हारे बिना ये ज़िंदगी ही अजनबी है।
तेरी आँखों में मुझे अपना ख्वाब नज़र आता है, तेरे साथ ही मेरा हर पल आबाद नज़र आता है। तू मिले या ना मिले ये तो मुकद्दर की बात है, पर मेरी हर धड़कन में तेरा ही प्यार नज़र आता है।
लबों पे मुस्कान और आँखों में हया होती है, जब भी महफ़िल में तुम्हारी चर्चा होती है। हम खुद को रोक नहीं पाते तुम्हारी तरफ खींचे जाने से, तुम्हारी हर एक अदा में कोई तो दुआ होती है
तुम्हें चाहने की वजह कुछ भी नहीं है, इश्क़ की फितरत में ये तो लाज़मी है। तुम साँसों में इस कदर बस गए हो, कि तुम्हारे बिना ये ज़िंदगी ही अजनबी है
नज़रे करम” मुझ पर इतना न कर, की तेरी मोहब्बत के लिए बागी हो जाऊं, मुझे इतना न पिला इश्क़-ए-जाम की, मैं इश्क़ के जहर का आदि हो जाऊं।
जब से तेरी निगाहों का नूर देखा है खुद को इश्क के हाथों मजबूर देखा है ना देखा था तुझसे कोई दिलनशी पहले तेरी आंखों में मैंने वो जरूर देखा है।
ऐसा क्या बोलू की तेरे दिल को छू जाए, ऐसी किससे दुआ मांगू कि तू मेरी हो जाए, तुझे पाना नहीं तेरा हो जाना है मन्नत मेरी, ऐसा क्या करदु की ये मन्नत पूरी हो जाय।
निखर जाती है मेरी मोहब्बत तेरी आजमाइश के बाद सवरता जा रहा है ये इश्क तेरी हर फरमाइश के बाद
मैं बन जाऊ चाय की पत्ती, तुम बन जाओ शक्कर के दाने, कोई तो मिलाएगा हमे चाय पीने के बहाने.,,,
तुम्हारी आँखों के प्याले से पीना चाहता हूँ, तुम्हारी बाहों के साए में जीना चाहता हूँ, रब से बस यही एक दुआ है मेरी, तुम्हारी धड़कन बनकर इस दिल में रहना चाहता हूँ।
पास आओ तो जरा सांसें थम सी जाती हैं, तुम्हारी छुअन से धड़कनें बढ़ सी जाती हैं, मोहब्बत का ये कैसा खुमार छा गया है, न जाने क्यों हर तरफ बस तुम ही नजर आती हो।
नजरे मिली तो दिल धड़कने लगा, तुम्हारी जुल्फों की छांव में मन बहकने लगा, क्या जादू है तुम्हारी इन अदाओं में, बिना पिए ही ये आशिक बहकने लगा।